Jeff Bezos Story Of Success | जैफ बेज़ोस सफलता की कहानी जानिए हिंदी में |Jeff Bezos Story In Hindi

बड़े बड़े लोगो के बारे में कौन नहीं जनता चाहता ? लेकिन बताने वाले जानते हुए भी ये नहीं बताते की सफल आदमी की सफलता के पीछे का राज क्या होता है | तो आईये आज में आपको बताता हु जेफरी प्रेस्टन बेज़ोस जिन्हे की हम सब आज जेफ्फ बेज़ोस के नाम से जानते है उनकी सफलता के पीछे का राज क्या है |


जेफ्फ बेज़ोस 



जेफ्फ बेज़ोस का जन्म कब और कहा हुआ। 


बात है तारीख 12 जनवरी 1964 की जब की Albuquerque के New Mexico नामकी सिटी में उनका जन्म हुआ. उनके पिता का नाम टेड जोर्गेनसेन(Ted Jorgensen) और उनकी माता का नाम जैकलीन(Jacklyn) है. जब उनका जन्म हुआ तब उनके पिता ने अपना खुदका बाइक शोरूम ख़रीदा था. जब वे जन्मे तब उनकी माता १७ साल की और पिता १८ साल के थे तब उनकी मता हाई स्कूल की छात्रि थी. अब जब जेफ्फ बेज़ोस सिर्फ ४ साल के थे तभी उनकी माता ने मिगुएल बेज़ोस(मिगुएल बेज़ोस) नाम के व्यक्ति से सदी कर ली जो की क्यूबा से ए थे और उनकी माता ने जेफ्फ बेज़ोस को अडॉप्ट कर लिया और यही से उनका नाम पड़ा जेफरी बेज़ोस जिन्हे की आज हम सभी जेफ्फ बेज़ोस के नाम से जानते है. और उसके बाद उन्होंने आगे की पढाई University of New Mexico में ही पूर्ण की.



जेफ्फ बेज़ोस ने अपनी पहेली बुक ऑनलाइन कब और कैसे बेचीं।


हाई स्कूल में रहते हुए, बेजोस ने ड्रीम इंस्टीट्यूट विकसित किया, एक ऐसा केंद्र जिसने युवा छात्रों में रचनात्मक सोच को बढ़ावा दिया। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान में डिग्री के साथ प्रिंसटन विश्वविद्यालय से स्नातक (1986) सुम्मा कम लाउड के बाद, उन्होंने न्यूयॉर्क निवेश बैंक डी.ई. 1990 में शॉ एंड कंपनी। जल्द ही वरिष्ठ उपाध्यक्ष नामित - फर्म का सबसे छोटा - बेजोस इंटरनेट की निवेश संभावनाओं की जांच करने के प्रभारी थे। इसकी विशाल क्षमता-वेब उपयोग में प्रति वर्ष 2,000 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही थी - ने उनकी उद्यमशीलता की कल्पना को जन्म दिया। 1994 में उन्होंने डी.ई. शॉ और एक आभासी किताबों की दुकान खोलने के लिए सिएटल, वाशिंगटन चले गए। कुछ कर्मचारियों के साथ अपने गैरेज से बाहर काम करते हुए, बेजोस ने साइट के लिए सॉफ्टवेयर विकसित करना शुरू किया। दक्षिण अमेरिकी नदी के नाम पर, अमेज़ॅन ने जुलाई 1995 में अपनी पहली पुस्तक बेची।



अमेज़न की पहेली ऑफिस 


जेफ्फ बेज़ोस ने अमेज़न की शुरुआत कैसे की।


जेफ ने पढ़ाई पूरी करने के बाद जब वॉल स्‍ट्रीट की इन्‍वेस्‍टमेंट फर्म डीई शॉ एंड कंपनी में नौकरी की तो धड़ाधड़ सफलता की सीढि़यां चढ़ते गए और 7 साल में ही वहां के वाइस प्रेसिडेंट भी बन गए. उस कंपनी में जेफ का भविष्‍य उज्‍जवल था, लेकिन जेफ को तो वो करना ही नहीं था. वो जिंदगी भर किसी और की नौकरी करने के लिए नहीं बने थे. 1993 में उन्‍होंने नौकरी छोड़ दी और अपना बिजनेस शुरू करने का फैसला किया.
ये अमेजन की शुरुआत थी.

अमेजन की शुरुआत घर के उसी छोटे से गैराज से हुई, जहां हाईस्‍कूल में जेफ ने पहला समर कैंप लगाया था. बेटे की प्रतिभा पर अब माता-पिता को भी कोई शुबहा नहीं रहा था. पिता माइक जेफ को 3 लाख डॉलर उधार देने को तैयार हो गए. जेफ ने एक ऑनलाइन बुकस्‍टोर खोलने की योजना बनाई. नाम रखा अमेजन. सब सहारा अफ्रीका में एक नदी का नाम है अमेजन. आइडिया ये था कि ये नदी बहकर सब देशों में जा रही है. अमेरिका से लेकर यूरोप और एशिया तक इसी नदी का विस्‍तार है. जाने कितने दोस्‍तों, परिचितों, शुभचिंतकों की मदद से अमेजन की टेस्टिंग होती रही और आखिरकार वो दिन आ गया.

5 जुलाई, 1994. इसी दिन अमेजन की शुरुआत हुई थी. बेवसाइट लांच होते ही ऑनलाइन किताबें खरीदने वालों का तांता लग गया. एक महीने के भीतर अमेजन का बिजनेस 40 देशों में फैल गया. तीन महीने बीतते न बीतते हर हफ्ते 25,000 डॉलर की किताबें बिकनी शुरू हो गईं. ये इतनी बड़ी सफलता थी कि जिसकी खुद जेफ बेजोस ने कभी कल्‍पना नहीं की थी. पूरी दुनिया के अब तक के इतिहास में किसी स्‍टार्ट-अप ने इतने कम समय के भीतर अपने खाते में इतनी बड़ी सफलता नहीं दर्ज की थी. तीन साल के भीतर ये स्‍टार्टअप एक पब्लिक कंपनी में तब्‍दील हो चुका था और इतना ही नहीं, ई कॉमर्स की दुनिया का बेताज बादशाह होने से बस चंद ही कदम दूर था.








एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ